Doha Debates
सुमी अलकेब्सी
कम्युनिकेशंस और मार्केटिंग डायरेक्टर
ईमेल: salkebsi@dohadebates.com
2026 में, Doha Debates ने युवाओं सहित अलग-अलग तरह के दर्शकों को शामिल करने वाली अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं के ज़रिए दुनिया की सबसे ज्वलंत समस्याओं को संबोधित किया
2025 में, Qatar Foundation के Doha Debates ने स्वतंत्रता से लेकर न्याय और पहचान से लेकर अपनेपन तक सबसे ज़रूरी सवालों को आकार देने वाले विचारों का जायज़ा लेने के लिए छात्रों और जाने-माने विचारकों को साथ लाने वाले सत्यान्वेषी चर्चा के एक अंतरराष्ट्रीय मंच के तौर पर अपनी भूमिका को सशक्त बनाया। 13.8 मिलियन वीडियो व्यूज़ और विभिन्न सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म्स पर इसके साथ जुड़ने वाले तकरीबन सात मिलियन फ़ॉलोअर्स के साथ इसकी पहुँच लगातार बढ़ती गई, जिसमें YouTube पर इसके एक मिलियन से ज़्यादा सब्सक्राइबर्स भी शामिल हैं।
एक अहम उपलब्धि The Negotiators के चौथे सीज़न के साथ हासिल हुई, जिसने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई और Folio Award for Historical Reporting तथा Shorty Award for News & Politics Podcast जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतने का मौका दिया।
अपनी लाइव प्रोग्रामिंग के साथ-साथ, Doha Debates ने अपने प्रमुख ऑनलाइन डिबेट्स का नया सीज़न रिलीज़ किया और स्वतंत्रता, न्याय, पहचान तथा अपनेपन जैसे विषयों पर अपनी मजलिस शैली की चर्चाओं के साथ दुनिया भर के दर्शकों तक पहुँचा।
पूरे साल, Doha Debates ने अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं की एक शृंखला आयोजित की, जिसमें छात्रों को जाने-माने अंतरराष्ट्रीय विचारकों के साथ आमने-सामने चर्चा करने का मौका मिला। 'ब्रैडफ़ोर्ड लिटरेचर फ़ेस्टिवल' में दर्शकों से खचाखच भरे एक इवेंट में राष्ट्रीय पहचान और अपनेपन जैसे विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की मध्यस्थता मलिका बिलाल ने की और चर्चा में भाग लेने के लिए डॉ. वाएल बी. हल्लाक, डॉ. शशि थरूर और डॉ. डेविड एंजेल्स को आमंत्रित किया गया था। इसके बाद संवादों का यह सिलसिला लैटिन अमेरिका तक पहुँच गया, जहाँ संगठन की पहली क्षेत्रीय सार्वजनिक चर्चा Years of Culture की साझेदारी में ब्यूनस आयर्स में आयोजित की गई। इस चर्चा में ग्वाडलूप ग्रैनेरो रिएलिनी, अकेल इस्माइल काहेरा और निकोलस बॉएज़ स्मिथ के साथ-साथ कतर, अर्जेंटीना और चिली के छात्रों ने शहरों के भविष्य पर चर्चा की।
इसके बाद Doha Debates की चर्चा का आयोजन वापस दोहा में किया गया, जिसमें छात्रों ने डॉ. ओमर सुलेमान, डॉ. ग्रेग करूसो और प्रोफ़ेसर जेरेमी कून्स के साथ न्याय और नैतिक ज़िम्मेदारी को आकार देने में विज्ञान, आस्था और दर्शन की भूमिका पर चर्चा की। इस साल का समापन Doha Forum में The Negotiators के एक लाइव एपिसोड के साथ हुआ, जिसे Foreign Policy और International Peace Institute की साझेदारी में आयोजित किया गया था। इसमें प्रिंस ज़ैद बिन राद बिन ज़ैद अल हुसैन और डॉ. रॉबर्ट मैली को आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने लोगों को कूटनीति और शांति स्थापित करने के बारे में दुर्लभ जानकारी दी।
युवाओं भागीदारी पूरे साल सबसे महत्त्वपूर्ण बनी रही। चर्चाओ, Community of Practice की प्रशिक्षण पहलों और Doha Debates Ambassador Program के ज़रिए, हर साल 80 देशों के 400 से भी ज़्यादा युवाओं ने संवाद पर आधारित लीडरशिप विकास कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। प्रोग्राम के पहले वर्ष में 30 लोगों ने हिस्सा लिया था लेकिन आज यह भागीदारी बढ़कर 200 अम्बैसेडर्स तक पहुँच चुकी है।
2026 में, Doha Debates एक Doha Debates पॉडकास्ट सीज़न के ज़रिए इस रफ़्तार को बनाए रखेगा, जिसका टाइटल होगा “क्या असहमति गलत जानकारी बन चुकी है?” इसमें ग्लेन ग्रीनवॉल्ड, रेनी डीरेस्टा और सिवा वैद्यनाथन अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ-साथ, नियमित चर्चाओं, शो के एक अन्य महत्त्वपूर्ण सीज़न और The Negotiators के मौजूदा सीज़न का प्रसारण भी जारी रहेगा।
Doha Debates का परिचय
Doha Debates बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए, बौद्धिक रूप से जिज्ञासु और सच की खोज करने वाले लोगों को रचनात्मक रूप से मतभेदों पर बहस करने के लिए साथ लाता है। हम विभाजन के बजाय एकता पर ज़ोर देते हैं और ऐसी चर्चाओं को बढ़ावा देते हैं, जो हमें बाँटने के बजाय साथ लाती हैं।
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