अहमद याहया
WGS 2026 में हाई लेवल इन्वेस्टमेंट फ़ोरम लैटिन अमेरिका और कैरीबियन तथा वर्ल्ड लॉरिएट्स समिट का पहला अंतरराष्ट्रीय आयोजन किया जाएगा
साल 2026 में आयोजित किए जाने वाले वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट (WGS) में अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय सहभागिता देखने को मिलेगी। यह सहभागिता इस शिखर सम्मेलन की शुरुआत से लेकर अब तक की सबसे बड़ी सहभागिता होगी, जिसमें कई ऐतिहासिक फ़ोरम्स का आयोजन किया जाएगा, जो इस समिट के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय कद और महत्त्व को बयान करता है।
ग्लोबल फ़ोरम में हिस्सा लेने वाले दुनिया के जाने-माने कॉर्पोरेशन्स और नॉलेज संस्थानों की फ़ेहरिस्त में इंटरनेशनल मॉनेटरी फ़ंड (IMF), इंटरनेशनल फ़ाइनेंस कॉर्पोरेशन (IFC), वर्ल्ड बैंक का एक सदस्य तथा दुनिया भर के 35 राष्ट्रों के प्रमुख, सरकारी प्रतिनिधिमंडल और 150 से भी ज़्यादा सरकारें शामिल हैं।
WGS 2026 में कई विश्व-स्तरीय फ़ोरम्स का आयोजन भी किया जाएगा, खास तौर से न्यू सिल्क रोड फ़ोरम, जो IFC की अगुवाई में होने वाला एक उच्च-स्तरीय इन्वेस्टमेंट फ़ोरम है - लैटिन अमेरिका और कैरीबियन, जो एसोसिएशन ऑफ़ कैरीबियन स्टेट्स और फ़्यूचर ऑफ़ इकॉनमी फ़ोरम के सहयोग से आयोजित किया जा रहा 10वाँ इंटरनेशनल कोऑपरेशन कॉन्फ़्रेंस है।
इसके अलावा, इस शिखर सम्मेलन में शांघाई चीन के बाहर पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्ल्ड लॉरिएट्स समिट (WLS) का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें नोबल पुरस्कार, ट्यूरिंग पुरस्कार, फ़ील्ड्स मेडल, ग्रेट अरब माइंड्स पुरस्कार से सम्मानित अतिथि और वैज्ञानिक जगत की नामी-गिरामी अंतरराष्ट्रीय हस्तियाँ शामिल होंगी। 3 से 5 फ़रवरी तक होने वाला यह इवेंट वर्ल्ड लॉरिएट्स एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित किया जाने वाला अपनी तरह का सबसे बड़ा इवेंट होगा। इस इवेंट में पुरस्कार विजेता और वर्ल्ड लीडर्स साथ मिलकर ज्वलंत अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए विज्ञान पर आधारित समाधानों को आकार देने के बारे में चर्चा करेंगे।
इसमें हिस्सा लेने वाले उल्लेखनीय अतिथियों में माइकल लेविट (केमिस्ट्री के लिए साल 2013 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक), किप थॉर्न (फ़िज़िक्स के लिए साल 2017 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक) तथा जॉन हॉपक्रॉफ़्ट (1986 में ट्यूरिंग पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक) शामिल होंगे।
वर्ल्ड लॉरिएट्स समिट के नतीजों की घोषणा WGS 2026 के दौरान की जाएगी।
वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट 2026 का आयोजन 3-5 फ़रवरी के दौरान किया जाएगा और इसकी थीम ‘भविष्य की सरकारों को आकार देना’ होगी। इस आयोजन में समिट के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय सहभागिता देखने को मिलेगी।
320 से भी ज़्यादा सत्रों वाली इस समिट में, 100 से भी ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठन तथा 450 से भी ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की उपस्थिति रहेगी, जिनमें राष्ट्रपति, मंत्री, विशेषज्ञ, थॉट लीडर्स और निर्णयकर्ता शामिल होंगे।
वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट 2026 के एजेंडे में प्रमुख क्षेत्रों में भावी रुझानों का अनुमान लगाने पर केंद्रित 24 विशिष्ट ग्लोबल फ़ोरम शामिल होंगे।
अहमद याहया